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100rav
hai laazim seep ko ho moti ka dukh
hai laazim seep ko ho moti ka dukh | है लाज़िम सीप को हो मोती का दुख
- 100rav
है
लाज़िम
सीप
को
हो
मोती
का
दुख
मुझे
क्यूँ
है
पराई
लड़की
का
दुख
दु'आ
थी
जब
मेरी
ही
ख़ुश
रहे
वो
मनाऊँ
कैसे
उसकी
शादी
का
दुख
मैं
ख़ाली
पेट
मरना
चाहता
था
नहीं
झेला
गया
दो
रोटी
का
दुख
कहा
है
माँ
ने
लेने
को
बड़ा
घर
पता
है
माँ
को
बस
इक
बेटी
का
दुख
ख़बर
है
साथ
हो
दोनों
वहाँ
भी
यही
है
बस
मेरी
नादारी
का
दुख
- 100rav
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सारे
का
सारा
तो
मेरा
भी
नहीं
और
वो
शख़्स
बे-वफ़ा
भी
नहीं
ग़ौर
से
देखने
पे
बोली
है
शादी
से
पहले
सोचना
भी
नहीं
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Kushal Dauneria
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वो
शादी
तो
करेगी
मगर
एक
शर्त
पर
हम
हिज्र
में
रहेंगे
अगर
नौकरी
नहीं
Harsh saxena
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हम
चाह
कर
भी
टूटते
हैं
हर
दफ़ा
होता
यही
है
इश्क़
का
क्या
क़ायदा
हर
वक़्त
तुम
यूँँ
याद
आते
हो
मुझे
जैसे
नई
दुल्हन
करे
मिस
मायका
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Harsh saxena
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तड़पना
हिज्र
तक
सीमित
नहीं
है
उसे
दुल्हन
भी
बनते
देखना
है
Anand Verma
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भुला
के
दूल्हा
जिसे
बैठता
है
मंडप
में
वो
चेहरा
आख़िरी
फेरे
में
याद
आता
है
Shanawar Kiratpuri
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अब
उसकी
शादी
का
क़िस्सा
न
छेड़ो
बस
इतना
कह
दो
कैसी
लग
रही
थी
Zubair Ali Tabish
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एक
अजब
सानेहा
गुज़रा
है
मेरे
माज़ी
में
मेरी
दिलचस्पी
ख़त्म
हो
गई
है
शादी
में
Vishal Singh Tabish
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इसलिए
ये
महीना
ही
शामिल
नहीं
उम्र
की
जंत्री
में
हमारी
उसने
इक
दिन
कहा
था
कि
शादी
है
इस
फरवरी
में
हमारी
Tehzeeb Hafi
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शतक
बनाने
को
बस
एक
रन
बनाना
है
वो
दोस्त
बन
गई
है
अब
दुल्हन
बनाना
है
Charagh Sharma
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उनको
दूर
किया
जाता
है
जो
बरसों
के
साथी
हैं
और
अनजाने
लोगों
की
आपस
में
शादी
होती
है
Darpan
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चाँद
बनकर
फिर
तू
छत
और
आसमाँ
में
रह
गया
मेरा
कुर्ता
फिर
नहीं
महका
तेरे
इक
इत्र
से
100rav
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क्या
भरेगा
यार
बारिश
भी
समुंदर
हक़
में
होता
तेरे
ग़म
भी
मैं
ले
लेता
100rav
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जंगल
जला
बारिश
हुई
फिर
फूटे
ये
पौधे
नए
और
लोग
कहते
हैं
हुए
हो
जल्दी
से
आबाद
तुम
100rav
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लड़कियों
को
ग़लत-फ़हमी
हो
सकती
है,
लड़के
लेकिन
हमेशा
ग़लत
होते
हैं
100rav
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करूँँ
कैसे
मुहब्बत
पे
भरोसा
नहीं
है
उसकी
क़ुर्बत
पे
भरोसा
नई
हो
रात
तो
फिर
इक
नया
मर्द
मुझे
था
ऐसी
औरत
पे
भरोसा
मैं
रोता
था
वो
मेरा
क्यूँ
नहीं
है
हुआ
है
मुझको
क़ुदरत
पे
भरोसा
नहीं
आना
तू
मुड़
के
ओ
फ़रेबी
ये
दिल
कर
लेगा
सूरत
पे
भरोसा
तू
फिर
से
अब
कभी
मत
करना
'सौरभ'
उड़ाकर
सिक्का
क़िस्मत
पे
भरोसा
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